
रक्सौल।(Vor desk)। रक्सौल में पांच दिनों से जारी जन सुराज नेत्री पूर्णिमा भारती का आमरण अनशन बुधवार को स्थगित हो गया। रक्सौल एसडीओ मनीष कुमार और जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने जूस पिला कर अनशन तुड़वाया।एसडीओ मनीष ने आश्वासन दिया कि नहर में जो चचरी पुल बना है उसको आवाजाही की सुविधा के दृष्टि से चौड़ा बनाया जाएगा।पानी ज्यों ही कम होगा, हाई लेबल ब्रिज निर्माण शुरू हो जाएगा।पंद्रह दिनों में पुल बनाने की पहल होगी।
वहीं,जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने कहा कि पुर्णिमा भारती की जान महत्वपूर्ण है।जब पानी खत्म होने के बाद पुल पंद्रह दिनों में बन जाना है,तो,लोहे का डायवर्शन की मांग किसी तरीके से तर्क सम्मत नहीं है,क्योंकि,पुल बनने के बाद यह अनुपयोगी बन जाएगा।उन्होंने कहा कि एक माह बाद30अगस्त को फिर से हम समीक्षा करेंगे और यदि प्रगति नहीं हुई तो यहां पूर्णिमा भारती के साथ खुद भी अनशन पर बैठूंगा।
इससे पहले बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के कार्यपालक अभियंता की खूब फजीहत हुई।वे निरुत्तर दिखे।त्वरित विकल्प देने और निर्माण पहल की बजाय गर्दन झुकाए ‘विवशता ‘पेश करते दिखे।बार बार कहते रहे कि पानी कम होने पर ही काम होगा।इस पर लोगों ने खूब ट्रोल किया और कहा कि गंगा नदी में कैसे काम होता है,जहां पानी नहीं रुकता,जबकि यह नहर है।लोगों ने यह भी पूछा कि नहर में इतने पानी के बाद भी आम जनता ने चचरी पुल बना दिया ,तो डायवर्शन क्यों नहीं बनेगा?क्या फंड नहीं है,नहीं तो क्या मजबूरी है?इस मामले में रक्सौल प्रशासन भी निशाने पर रही।लोगों ने सवाल किया की प्रशासन डायवर्शन बनाने की पहल क्यों नहीं करती? आपदा फंड से बनवा दे।यदि पैसे नहीं है, रक्सौल वासी चंदे दे कर डायवर्शन बनाने को तैयार है।यह भी नहीं होता तो हमें इजाजत दे दीजिए,आम पब्लिक डायवर्शन बना देगी!
डायवर्शन निर्माण के मामले पर सुराज पूर्णिमा भारती और उपस्थित जन समुदाय ने उन्हें खूब खरी खोटी सुनाई।पूर्णिमा भारती ने कहा कि बीते रविवार को विधायक की उपस्थिति में अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि पानी कम होते ही निर्माण शुरू होगा और एक सप्ताह में पुल बना दिया जाएगा।लेकिन,इसके उलट इन्हें और समय मिल गया।
दरअसल,काठमांडू दिल्ली राज मार्ग को जोड़ने वाले रक्सौल मेन रोड के कोईरिया टोला स्थित अंबेडकर चौक के पास नहर में 4 करोड़ 98लाख की लागत से हाई लेबल ब्रिज का निर्माण चल रहा है। जहां होल पाइप लगा कर डायवर्शन बनाया गया था,जो कृषि कार्य के कारण ध्वस्त कर दिया गया।इसके बाद आम जनों की परेशानी को देखते हुए इंडिया गठबंधन ने विरोध प्रदर्शन किया।वहीं,पूर्णिमा भारती अनशन पर बैठ गई। पार्टी के शीर्ष नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हुई सहमति के बाद बुधवार को यह अनशन टूटा,जो एक तरीके से बेनतीजा रहा।खुद जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने स्वीकार किया कि पुर्णिमां भारती सरकार और प्रशासन पर दबाव बनाने में सफल रही।उन्होंने कहा कि जो हुआ गलत हुआ।इस गलती की शुरुआत उसी समय से हुई ,जब बने बनाए पुराने पुल को तोड़ दिया गया।
बता दे कि पूर्णिमा भारती ने अनशन पर बैठने से पहले कहा था कि जब तक काम शुरू नहीं होगा, तब तक अनशन नहीं टूटेगा।हालाकि, इनकी तबियत लगातार गिरने लगी।अनशन टूटने के बाद उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है,जहां इलाज जारी है।इस बीच एक ओर जहां लोग पूर्णिमा भारती के जज्बे को सराह रहे हैं,वहीं,शासन ,प्रशासन और जनप्रतिनिधि निशाने पर है और पुल में अनियमितता,लापरवाही,जन भावना की अनदेखी पर खूब आलोचनाएं हो रही हैं।
