
रक्सौल।( vor desk)।सीमावर्ती क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल राजकीय मध्य विद्यालय पनटोका में माहौल उस समय बेहद गमगीन और भावुक हो गया जब स्कूल के निवर्तमान प्रधानाध्यापक मुनेश राम अपना तबादला दूसरे स्कूल में हो जाने के कारण स्कूल छोड़ कर जाने लगे।अपने प्यारे शिक्षक और प्रधानाध्यापक की इस विदाई पर बच्चे उन से लिपट कर फूट-फूट कर रोने लगे।

एकाएक इस गमगीन और भावुक दृश्य को देख कर वहां उपस्थित सभी की आँखे नम हो गई। बच्चों का अपने शिक्षक के प्रति यह गहरा लगाव बताता है कि कैसे एक शिक्षक अपने विधार्थियों को शिक्षा देते समय उनके जीवन में भी एक महत्वपूर्ण स्थान अपने आप बना लेते हैं। यह दृश्य बताता है कि एक असल शिक्षक के लिए इससे बड़ा सम्मान और पुरस्कार कुछ नही हो सकता है। बच्चों के आंखों से बहते आंसू इस बात के गवाह है कि शिक्षक द्वारा शैक्षणिक गतिविधियों में तैयार किये गये माहौल से बच्चे काफी खुश हैं। यह इस बात का भी प्रमाण पत्र है कि अपने पूरे कार्यकाल में उन्होंने स्कूल के लिए ईमानदारी से कुछ बेहतर करने की कोशिश जरूर की है। गौरतलब है कि मुनेश राम एक शिक्षक के रूप में सन् 2013 से ही इस स्कूल में अपना योगदान दे रहे थे। इसी स्कूल में रहते हुए उनकी पदोन्नति अध्यापक से बढ़कर प्रधानाध्यपक के रूप में हुई थी।

अब बीपीएससी प्रधान शिक्षक की परीक्षा क्वालीफाई करने के बाद उनकी नियुक्ति इसी शहर रक्सौल के राष्ट्रीय गाँधी प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक के रूप में हुई है जहां उन्होंने अपना प्रभार भी आज शनिवार को ले लिया।(रिपोर्ट:श्रेयांस कुमार बिट्टू)

दिन भर बच्चों के प्यार ने मुझे काफी उद्वेलित किया।आज मुझे जितनी खुशी पदोन्नति मिलने से नहीं हो रही थी, उससे ज्यादा गम अपने बच्चों को छोड़ने से था।इस विद्यालय ने मुझे बहुत कुछ दिया।सहयोगी सहकर्मियों के साथ ही बच्चे, रसोईया, शिक्षक और शिक्षिका हम सभी एक पारिवारिक माहौल में टीम भावना से कार्य कर रहे थे। सब की उत्कट इच्छा थी हमारा विद्यालय नायाब बने। हम कुछ बेहतर कर सके, अपने विद्यालय को सजाने संवारने और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रयास हमेशा रहता था कि हमारे बच्चे हर क्षेत्र में अव्वल आयें, हालांकि बच्चों ने भी मशाल 2 के प्रदर्शन में काफी बेहतर परिणाम दिया और हमारे बच्चों ने बीआरसी स्तर से जिला स्तर तक के मशाल 2 खेल कूद प्रतियोगिता में क्वालीफाई किया।मेरे विद्यालय की सातवीं की छात्रा खुशी कुमारी इस प्रतियोगिता में जिला स्तर पर चयनित की गई है और जिला स्तरीय आयोजित खेलकूद प्रतियोगिता में भाग लेगी। कम समय के बाद भी मैं इस विद्यालय को सजाने में कोई और कसर नहीं छोड़ा।भले मैं विद्यालय छोड़ दिया हूं लेकिन मेरा मन आज भी राजकीय मध्य विद्यालय पनटोका में लगा हुआ है। उस।गांव के लोगों का प्यार भी मुझे कम नहीं मिला। जब मैं जहां जिस दिन किसी को खोजा सभी ने मुझे मेरे साथ सहयोगात्मक व्यवहार किया और हर कार्य करने में मुझे सहयोग दिया। मैं सभी का शुक्रगुजार हूं। जब भी मौका मिलेगा, मैं इस विद्यालय की उन्नति, विकास या किसी भी प्रकार के क्षेत्र में उन्नति करने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोडूंगा। मेरे नजरों में विद्यालय के भी बच्चे मेरे बच्चों के जैसा ही प्यारे दुलारे है। बेटियां भी आसमान से तारे तोड़ने का हुनर रखती है।बस उन्हें संवारने की जरूरत है। गाँव के अभिभावकों से अनुरोध मेरा है कि बच्चों को पढ़ाने के लिए जी तोड़ मेहनत करें। हमने देखा है सबके मन में कुछ कर गुजरने की उत्कट लालसा है। सादर धन्यवाद… पनटोका 🙏😢💐