
मोतिहारी/रक्सौल।(Vor desk)।बढ़ते तापमान और लगातार गिरते भू जल स्तर के कारण सीमावर्ती रक्सौल में पानी के लिए हाहाकार मचा है।विकराल समस्या का रूप ले रहे जल संकट से रक्सौल वासियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।वार्ड पार्षदों को मोहल्लेवासियों की नाराजगी भी झेलनी पड़ रही है,वहीं,नगर परिषद प्रशासन जलापूर्ति व्यवस्था को व्यवस्थित करने में तकरीबन फेल दिख रही है।वहीं,भेद भाव का आरोप भी लग रहा है,जिस वजह से पार्षदों में गहरा असंतोष है।इस बीच शहर के कई वार्डों में पानी के लिए त्राहि त्राहि की हालत है,वाटर टैंक भी नहीं पहुंच पा रहा।इसको ले कर नगर के वार्ड 6के पार्षद सह स्टैंडिंग कमेटी सदस्य घनश्याम प्रसाद के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा है और इस समस्या के लिए आवाज उठाते हुए शीघ्र निराकरण और पक्षपात और अनियमितता के जांच की मांग रखी है।प्रतिनिधिमंडल में वार्ड पार्षद अन्तिमा देवी के पति सुधन यादव भी शामिल हैं।घनश्याम प्रसाद और अंतिमा देवी नगर परिषद के स्टैंडिंग कमेटी सदस्य भी है।श्री प्रसाद ने रक्सौल एसडीओ मनीष कुमार भी ज्ञापन सौंपा है,लेकिन,कोई करवाई नहीं होने से वे जिलाधिकारी की शरण में गए ।
जिलाधिकारी को आवेदन देने के बाद पत्रकारों से बात चित में पार्षद घनश्याम प्रसाद ने कहा कि नगर परिषद प्रशासन पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रही है।उन्होंने क्षेत्रीय जन प्रतिनिधि सहित उप सभापति पति को भी घेरते हुए कहा कि नगर परिषद कार्यालय में मनमानी चल रही है।पार्षदों को परेशान किया जा रहा है।पार्षदों के खिलाफ साजिश हो रही है,ताकि,वार्ड में उनकी फजीहत हो।उन्होंने आरोप किया कि चहेते वार्डों में समरसेबल लगा दिया गया है और टंकी के जरिए पानी भी भेजा जा रहा है जबकि बाकी वार्ड उपेक्षित हैं। स्थानीय लोगों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
इस बारे में जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने प्रतिनिधिमंडल को कार्रवाई का भरोसा दिया है।
वैसे,यह समस्या सिर्फ रक्सौल तक ही सीमित नहीं है।यह जल संकट ग्रामीण क्षेत्रों और अन्य प्रखंड में भी है,जो विकट रूप ले रही है। नगर परिषद क्षेत्र के अधिकतर वार्ड जल संकट से जूझ रहे हैं। कल ,नल,मोटर सब फेल हैं।लोगों की दिनचर्या प्रभावित है,घरों से महिलाएं पानी लेने सड़क पर भटक रही हैं।नगर पार्षद सोनू गुप्ता का कहना है कि नगर वासियों का धन और धर्म दोनों पर संकट है।सरकार और नगर परिषद टैक्स लेने के बावजूद सुविधाएं नहीं दे रही,जबकि,जल के बिना जीवन की कल्पना नहीं हो सकती है।इसमें भी भेद भाव हो रहा है।जल नल योजना फेल है।
