
रक्सौल (vor desk) शहर के कोइरियाटोला नहर चौक पर पुराने पुल को को तोड़ कर हाई लेबल पुल बनाये जाने के दौरान हल्के वाहनों का आवगमन चालू रहे, इसके लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा अप एंड डाउन दो डाईवर्सन का तत्कालिक निर्माण कराया गया था जिसे अब नहर में पानी बढ़ने के नाम पर तोड़ दिया गया है। इस वैकल्पिक डाईवर्सन को इस तरह एकायक तोड़े जाने के बाद अब यह शहर दो भागो मे बंट गया है। लोगों को अब शहर के एक भाग से दूसरे भाग मे जाने के लिए बहुत दूरियों तक का सफर करना पड़ता है। लोगों को हो रही इस भारी परेशानीयों को देखते हुए रक्सौल राजद ने आज अपना एक दिन का सांकेतिक विरोध कार्यक्रम करने का फैसला किया था। सांकेतिक विरोध का मुख्य उद्देश्य प्रशासन तथा जन प्रतिनिधि को जल्द से जल्द नहर पुल पर डायवर्सन बनवाने तथा पुल निर्माण मजबूत कराने हेतु आगाह करना था। इस पुल के टूट जाने से अनुमंडल अस्पताल , बाज़ार जाने में सभी को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। यह विचित्र है कि पुल निर्माण हो रहा है लेकिन डायवर्सन नहीं है। पूरे देश में कहीं भी रोड बाधित करने का परमिशन नहीं है परंतु पुल तोड़कर अन्तर राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध किया गया है। शासन प्रशासन तथा रक्सौल के बड़े अधिकारी भी आंख मूंदे हैं और प्रधानमंत्री जी की रैली को सफ़ल बनाने में लगे हैं।इस सांकेतिक प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे राजद के जिला प्रवक्ता रवि मस्करा ने बताया कि कल शाम को सौंपे गए ज्ञापन के तहत प्रशासन ने कार्यक्रम की आज्ञा नहीं दी इसीलिए छोटे रूप में सांकेतिक विरोध किया गया एवं मीडिया में अपनी बात रखी गई। वृहत रूप से अब 20 तारीख से महागठबंधन के दलों के साथ मिलकर इस कार्यक्रम को चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। श्री मस्करा ने पत्रकारों से यह कहा कि माना कि सत्ता पक्छ सत्ते के नशे में मदहोश है लेकिन अनुमंडल प्रशासन चुप क्यों है? यह सोचने का विषय है।
आज के कार्यक्रम में राजद के महासचिव राजेश साह, किसान अध्यक्ष अवधेश यादव , पंचायत अध्यक्ष मुमताज़ आदि सम्मिलित हुए।
