
रक्सौल।(Vor desk)।रक्सौल स्टेशन रोड पर बीते कुछ दिनों से एक युवक को कूड़ेदान के आसपास भोजन तलाशते और कचरे में ही सोते हुए देखा जा रहा था। यह दृश्य कई राहगीरों के लिए आम हो गया था, लेकिन किसी ने उसकी सुध नहीं ली।
जानकारी मिलने पर सामाजिक कार्यकर्ताओं रणजीत सिंह और साबरा खातून की टीम ने तत्परता दिखाते हुए उस युवक को रेस्क्यू कर मानव सेवा आश्रम में सुरक्षित रूप से आश्रय दिलाया। युवक की पहचान नेपाल के पोखरिया के चीलझपटी निवासी शिवम कुमार झा (पिता: कमलेश झा) के रूप में हुई है।
काउंसलिंग के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि शिवम 12वीं तक शिक्षित हैं, परंतु पारिवारिक उपेक्षा और सामाजिक तिरस्कार के चलते मानसिक रूप से अस्थिर हो चुके थे। असहाय अवस्था में, वे कई दिनों से स्टेशन रोड के आसपास भटकते रहे। उनका भोजन का साधन राहगीरों द्वारा फेंका गया बचा-खुचा खाना और कूड़ेदान से निकाले गए अन्न के अंश बन चुके थे।

रेस्क्यू टीम ने बताया कि अगर समय रहते उन्हें आश्रय न मिला होता, तो वे या तो पूरी तरह मानसिक रोगी बन जाते या कूड़े-कचरे में दम तोड़ देते।
अब मानव सेवा आश्रम में शिवम को चिकित्सा, भोजन और सम्मान के साथ जीवन जीने का एक नया अवसर मिला है।
समाज के लिए यह एक संदेश है कि मानसिक रूप से अस्थिर या उपेक्षित व्यक्ति को नजरअंदाज न करें। एक छोटी सी कोशिश किसी की ज़िंदगी बदल सकती है।
