
रक्सौल।(Vor desk)।पूर्वी चंपारण जिले के रक्सौल स्थित एकीकृत जांच चौकी (आईसीपी) के सभागार में शनिवार को सड़क और पुल निर्माण कार्यों की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन, पश्चिम चंपारण के सांसद डॉ संजय जायसवाल, रक्सौल विधायक प्रमोद कुमार सिन्हा, पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव शीर्षत कपिल अशोक सहित एनएचएआई, पथ निर्माण विभाग एवं पुल निर्माण निगम के साथ ही जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में रक्सौल, बेतिया और बगहा क्षेत्र की महत्वपूर्ण सड़क और पुल परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति, तकनीकी व प्रशासनिक चुनौतियों और भावी योजनाओं पर विस्तार से जानकारी दी।
पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने बताया कि रक्सौल के नहर चौक पर वर्षों से लंबित कोईरिया टोला ओवर ब्रिज निर्माण को लेकर अहम प्रगति हुई है। लगभग 67 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस ओवरब्रिज के लिए गृह मंत्रालय को अनुमोदन प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा, रक्सौल की प्रमुख समस्या माने जाने वाले रेलवे क्रॉसिंग संख्या 33 और 34 पर आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) के निर्माण का कार्यभार अब रेलवे की निर्माण एजेंसी इरकॉन को सौंपा गया है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि परियोजना में कोई विलंब न हो, इसके लिए राज्य सरकार रेलवे के साथ सतत समन्वय बनाए हुए है।
रक्सौल विधायक प्रमोद कुमार सिन्हा ने बैठक में क्षेत्र की जमीनी समस्याओं से अवगत कराते हुए निर्माण कार्यों में तेजी लाने की मांग की।उन्होंने रक्सौल के खेखरिया स्थित सरस्वती शिशु मंदिर से एन एच 527डी तक रक्सौल शहर के बीचोबीच पड़ने वाले भाग के चौड़ीकरण पर ध्यानाकृष्ट किया।
बैठक में बेतिया और बगहा क्षेत्रों के ओवरब्रिज, सड़क चौड़ीकरण और पुल निर्माण परियोजनाओं की प्राथमिकता तय की गई।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सीमावर्ती इलाकों में कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए विभागीय स्तर पर समन्वित प्रयास किए जाएंगे, ताकि आम जनता को बेहतर यातायात सुविधा मिल सके।मंत्री ने निर्देश दिया कि योजनाओं के समयबद्ध,गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
स्थानीय नागरिकों ने इस बैठक को रक्सौल और आसपास के क्षेत्रों के सड़क विकास की दिशा में एक सकारात्मक पहल बताया है। लोगो में वर्षों से अटकी परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद जगी है।
