
वीरगंज।(Vor desk)। नेपाल में शक्ति पीठ की मान्यता रखने वाले प्रसिद्ध गहवा माई मंदिर के 13वें वार्षिकोत्सव पर 27 जून को भव्य रथ यात्रा का आयोजन होगा। इस अवसर पर चंदन की लकड़ी से बना रथ और 60 लाख की लागत से बना चांदी का सिंहासन आकर्षण का केंद्र होगा,जिसमे गहवा माता की सवारी मिलेगी। रथ यात्रा में बड़ी संख्या में नेपाल और भारत के सीमा क्षेत्र के श्रद्धालु शामिल होंगे।

इस आयोजन के मद्देनजर मधेश प्रदेश के मुख्यमंत्री सतीश कुमार सिंह ने बीते दिनों मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और तैयारी का जायजा लिया। वहीं,श्री गहवा माई रथ यात्रा समिति की बैठक हुई,जिसमे तैयारी की समीक्षा की गई और आयोजन को भव्य बनाने का निर्णय लिया गया।
आयोजन समिति के मुताबिक,28 जून को भव्य भंडारा भी आयोजित होगी।पूरे कार्यक्रम की तैयारी अंतिम चरण में है। समिति के अध्यक्ष श्याम पोखरेल और अन्य सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने के लिए कमर कस ली है।

अध्यक्ष श्री पोखरेल ने बताया कि प्राचीन मंदिर के जीर्णोद्वार के बाद बने नव निर्मित मंदिर के 13वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 27जून 2025 को तीसरी बार भव्य रथ यात्रा का आयोजन किया जाएगा। रथ यात्रा शुक्रवार को रथ यात्रा समिति की अगुवाई में नगर भ्रमण के लिए सुबह7बजे निकलेगी।रथ यात्रा में सीमा क्षेत्र के जन प्रतिनिधि,अधिकारी सहित भारत के मध्य प्रदेश के तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष रवि करण साहू और अन्य गण मान्य शामिल होंगे।वीरगंज के मेयर राजेश मान सिंह ने महानगर पालिका में इस मौके पर सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया है।रथ यात्रा के अवसर पर निशान यात्रा, विशेष पूजन,प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा भजन कीर्तन ,जागरण आदि कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।जिसके तहत 56प्रकार का भोग माता को चढ़ाई जाएगी,उपरांत 28जून को भंडारा आयोजन के साथ महा प्रसाद वितरण होगा।
रक्तदान शिविर आयोजित
रथ यात्रा के अवसर पर बुधवार को आकस्मिक रक्तदान शिविर आयोजित किया गया,जिसमे 4महिला समेत करीब42लोगों ने शिरकत किया।यह आयोजन नेपाल रेड क्रॉस सोसाइटी,रक्त संचार सेवा केंद्र के सहयोग से आयोजित हुआ। इसमें वंदना शर्मा,आशा गुप्ता,काजल ठाकुर,सौम्या अग्रहरि,श्याम गुप्ता,शंभू साह ,रवि गुप्ता,अजय राउत आदि ने रक्तदान किया।
बैठक में शामिल उपाध्यक्ष देवानंद गुप्ता,कोषाध्यक्ष रवि शंकर अग्रवाल,सचिव पप्पू गुप्ता,प्रभु प्रसाद, मुन्ना कुमार, विनय कुमार ,राजन कुमार ने कहा कि गहवा माई मंदिर की रथ यात्रा एक महत्वपूर्ण धार्मिक और संस्कृतिक आयोजन है, जिसमें श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में भागीदारी होती है। इस आयोजन के माध्यम से मंदिर की महत्ता और धार्मिक महत्व को प्रदर्शित किया जाता है।
