Sunday, March 8

रक्सौल रेलवे पार्क जो कल तक था गुलजार …आज हो गया है बदहाल!

रक्सौल।(Vor desk)। गेटवे ऑफ नेपाल के नाम से अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शहर रक्सौल रेलवे स्टेशन को मॉडल स्टेशन एवं ए ग्रेड का दर्जा प्राप्त है। लेकिन दुर्भाग्यवश वह व्यवस्था कम से कम रेलवे पार्क में दूर-दूर तक नजर नहीं आती है। गौरतलब है जब इस पार्क का निर्माण हुआ था तो स्थानीय लोगों एवं यात्रियों को काफी हर्ष हुआ था। लेकिन कालांतर में यह पार्क आवारा मवेशियों एवं असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गया था, लेकिन वर्ष 2019 में स्वयंसेवी समाज सेवी संगठन भारत विकास परिषद शाखा -रक्सौल जब अस्तित्व में आया तो परिषद ने भारत -नेपाल के इस प्रमुख रेलवे पार्क को विकसित करने तथा इसे हरा-भरा रखने का जिम्मा लिया। परिषद द्वारा पार्क को हरा भरा रखने का जिम्मा लेकर रंग बिरंगे फूल, औषधीय एवं फलदार पौधे समय-समय पर जाली सहित लगाकर एक नया क्लेवर प्रदान किया गया था। साथ ही परिषद द्वारा पार्क के रख रखाव के लिए एक माली की नियुक्ति की गयी थी जिसका मेहताना परिषद द्वारा अदा किया जाता रहा था।

माली पार्क एवं पौधों की रखवाली के साथ-साथ साफ – सफाई पर भी बखूबी अंजाम देता रहा।साथ ही परिषद के पहल पर पार्क में रेलवे द्वारा फव्वारा लगाया । परिषद द्वारा अपने निजी कोष से सेल्फी प्वाइंट निर्माण कराया गया जिसका लोकार्पण दो अक्टूबर 2021 को हुआ ।रेलवे पार्क में रंगीन फव्वारा शुरू होने के बाद शहरवासी एवं यात्रीगण अपने मोबाइल से सेल्फी प्वाइंट पर सेल्फी लेने भी आनंद उठा रहे थे। गौरतलब है कि भाविप के अस्तित्व में आने के पश्चात रेलवे पार्क को सजाने एवं हरा-भरा रखने का जिम्मा परिषद ने लिया तब से लेकर अब तक विभिन्न मौकों पर परिषद द्वारा पार्क में विभिन्न किस्म के पौधरोपण कर पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन की प्रतिबद्धता के साथ जागरूकता को बढ़ावा दिया। परिषद ने पूरी प्रतिबद्धता के साथ अपने सेल्फी प्वाइंट के थ्री डी बोर्ड पर
” I ❤️ LOVE RAXAUL ” CLEAN RAXAUL _GREEN RAXAUL” उकेर कर सभी शहरवासियों विशेषकर युवाओं को संदेश देने का प्रयास किया गया वे शहर के प्रति एक लगाव महसूस करें तथा शहर को स्वच्छ एवं हरा -भरा रखने के लिए प्रतिबद्ध रहें ।

लोकार्पण के बाद सेल्फी प्वाइंट पर सेल्फी लेने वाले की भारी भीड़ उमड़ती रही थी । बता दें विगत तीन वर्षों से भाविप को पार्क के रखरखाव के जिम्मा को रेलवे द्वारा अनापत्ति पत्र विस्तारित नहीं किया गया। फलस्वरूप परिषद को रेलवे पार्क को हरा भरा रखने कार्यक्रम को स्थगित करना पड़ा। लेकिन अब स्वच्छ भारत अभियान के बावजूद आज इस पार्क की स्थिति अत्यधिक चिंताजनक है। परिषद द्वारा बनवाये गये सेल्फी प्वाइंट पूरी तरह से डैमेज हो चुका है। इसकी सुरक्षा के लिए बने स्टील बैरिकेडिंग के पाइप एवं इसमें लगे लेटर सब गायब हैं। यह पार्क जो यात्रियों एवं स्थानीय निवासियों के लिए सुखद स्थान था ,अब उपेक्षा का शिकार है। पार्क में चारों तरफ गंदगी फैली हुई है। कचरा, प्लास्टिक थैलियां, जूठन , प्लास्टिक की बोतलें कहीं तो कहीं मल मूत्र भी बिखरा हुआ है। पार्क स्थित फूड कैफे भी बन्द हो गया है। फलस्वरूप पार्क में गंदगी का अम्बार देखकर अब गाड़ियों की प्रतीक्षा में पार्क में अपना समय व्यतीत करने वाले यात्री भी यहां आने से परहेज़ कर रहे हैं। स्थानीय लोग तो शहर के इस एकलौते पार्क में आना लगभग छोड़ ही दिया है। कुल मिलाकर यह पार्क रेलवे की घोर उपेक्षा के कारण बेहद ही शर्मनाक दृश्य उत्पन्न कर रहा है। भारत विकास परिषद के सचिव डा राजेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि आज जरूरत इस बात की है रेलवे तथा यहां के अधिकारियों को इस पार्क को एक बार फिर से स्वच्छ, सुसज्जित एवं हरा-भरा रखने के लिए पूरी ईमानदारी से कार्य करने की जरूरत है तभी यह पार्क एक बार फिर से जीवंत हो सकेगा।

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