Sunday, March 8

एसडीओ मनीष कुमार के रक्सौल अनुमंडलीय अस्पताल के निरीक्षण में गायब मिले कई डॉक्टर,जताई नाराजगी!

रक्सौल।(Vor desk)। अनुमंडल पदाधिकारी मनीष कुमार ने मंगलवार को रक्सौल स्थित अनुमंडलीय अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल के सभी वार्डों का निरीक्षण किया और रोगी कल्याण समिति की बैठक की अध्यक्षता की।पदस्थापना के बाद एसडीओ पहली बार अस्पताल पहुंचे थे,जहां निरीक्षण में कुव्यवस्था झलकी और कई डॉक्टर ड्यूटी से नदारद पाए गए।

निरीक्षण के दौरान ओपीडी में मात्र शिशुपाल रजक ड्यूटी पर थे।हालाकि,उनकी ड्यूटी दोपहर से थी।बावजूद उन्होंने49मरीज को देखा था।जबकि,ओपीडी से डॉक्टर प्रिया साह,डा रिजवाना खुर्शीद,डा स्वाती सपन ,डा शमीम अहमद अनुपस्थित थे। इसके अलावा एक फिजियोथैरेपिस्ट, डॉ अनिशा सहनी भी अनुपस्थित पाई गईं। अनुमंडल पदाधिकारी ने इस पर नाराजगी और खेद व्यक्त किया और अस्पताल उपाधीक्षक डा राजीव रंजन कुमार को निर्देश दिया कि अगर कोई डॉक्टर अपने निर्धारित समय से नहीं आता है तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।हालाकि,बाद में डा प्रिया और स्वाति पहुंच गई और अपनी मजबूरिया गिनाई। सर्जन डा विजय कुमार अस्पताल उपाधीक्षक कक्ष में दिखे।

ओपीडी निरीक्षण के बाद उन्होंने बारी बारी से जांच घर,एक्सरे विभाग, एइस जेई वार्ड,इमरजेंसी वार्ड,लेबर रूम,टीकाकरण कक्ष आदि का निरीक्षण किया।वहीं,
जीविका द्वारा संचालित दीदी की रसोइ का भी निरीक्षण किया और वहां पाई गई कमियों के लिए जीविका के कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए। इसके अलावा, उन्होंने अस्पताल की साफ-सफाई में कमी को ले कर उपाधीक्षक को निर्देश दिया ।दवाखाना और कोल्ड चेन स्टोर में दवाओं और वेक्सीन की जांच की। कुछ दवाओं को उनके निर्धारित तापमान में रखने का निर्देश दिया।

वहीं,भीषण गर्मी के बीच इस वातानुकूलित अस्पताल में एसी और पंखा खराब रहने के मामले को उन्होंने गंभीरता से लेते हुए इसकी पूरी रिपोर्ट तलब किया, ताकि,आगे की कारवाई की जाए।

वहीं,उपाधीक्षक कक्ष में रोगी कल्याण समिति की बैठक में उन्होंने मौजूदा सुविधा और समस्याओं के निराकरण पर चर्चा परिचर्चा की और कई निर्णय लिए।बैठक में मेडिकल ऑफिसर डा अमित जायसवाल,डा विजय कुमार,स्वास्थ्य प्रबंधक आशीष कुमार,यूनिसेफ के बीएमसी अनिल कुमार ,बड़ा बाबू राजेश पांडे,एकाउंटेंट शिल्पी कुमारी सहित अन्य मौजूद थे।

फिलहाल,अनुमंडल पदाधिकारी के अचानक निरीक्षण से खलबली रही।अब देखना है कि उनके अस्पताल निरीक्षण के बाद सेवाओं में सुधार होता है और मरीजों को बेहतर सुविधा मिलती है अथवा यह निरीक्षण पूर्व की तरह खानापूर्ति साबित होती है।

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