
रक्सौल।(Vor desk)। एकादश विश्व योग दिवस पर भारत विकास परिषद एवं एकीकृत जाँच चौकी के संयुक्त तत्वावधान में आइसीपी परिसर में योग शिविर आयोजित हुआ ।इस शिविर में आइसीपी के सभी आला अधिकारी और कर्मी, इमिग्रेशन पदाधिकारी , भारत विकास परिषद के सभी सदस्य,लायंस क्लब ऑफ रक्सौल के सदस्य सहित नगर के विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि और आम नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ आइसीपी प्रबंधक प्रवीण कुमार ,भारत विकास परिषद के अध्यक्ष महेश अग्रवाल, सचिव डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद सिंह ,वित्त सचिव सीताराम गोयल महिला एवं बाल विकास संयोजिका बी.दास, शिक्षिका अंजली राजपाल के संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन से हुआ । इस मौके पर अपने उद्बबोधन में आइसीपी प्रबंधक प्रवीण कुमार ने कहा कि योग की जड़ें हमारी प्राचीन परंपरा और संस्कृति में हैं और आज केवल हम भारतीय इस बात को नहीं मानते, बल्कि पूरी दुनिया मानती है ।योग मनुष्य के शरीर मन और आत्मा को उर्जा, ताकत और सौन्दर्य प्रदान करता है ।योग आध्यात्म है।अनुशासन है।विज्ञान है।मन, मस्तिष्क और शरीर का सामंजस्य है।योग को नियमित दिनचर्या में शामिल करने को स्वास्थ्य जीवन पाया जा सकता है।

वहीं, योग शिक्षिका अंजलि राजपाल ने इस बात को रेखांकित किया कि योग से कोई भी व्यक्ति रोगमुक्त हो सकता है।
इस वर्ष योग दिवस की थीम ” एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिए योग”है।योग शिक्षिका ने शिविर में उपस्थित सभी लोगों से कपालभाति, भ्रस्त्रिका , भ्रामरी समेत कई आसनों से योगाभ्यास एवं प्राणायाम कराया । कार्यक्रम के समापन के पूर्व आइसीपी प्रबंधक प्रवीण कुमार ने योग शिक्षिका अंजलि राजपाल ,भारत विकास परिषद के अध्यक्ष महेश अग्रवाल, सचिव डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद सिंह को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।कार्यक्रम का समापन मे परिषद के अध्यक्ष डॉ.राजेन्द्र प्रसाद सिंह ने आइसीपी प्रबंधन तथा शिविर में शामिल सभी लोगों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्र गान से हुआ योग शिविर में भारत विकास परिषद के संरक्षक अवधेश सिंह, डॉक्टर एस के सिंह, परिषद के वित्त सचिव सीता राम गोयल,द्वारिका सर्राफ , ,रवि भरतिया प्रशांत कुमार सुरेश धनोटिया, विजय कुमार सिंह ,अजय हिसारिया, मनोज सिंह , विजय कुमार साह , विनोद रौनियार,लायंस क्लब के सचिव लायन बिमल सर्राफ लायन गणेश धानोठिया, नारायण रुंगटा,पंकज बरनवाल, हेमंत अग्रवाल,लायन, बसंत जालान,सुशीला धानोठिया,सीमा बरनवाल आदि शामिल थे। इसकी जानकारी परिषद के सचिव डॉ राजेंद्र प्रसाद सिंह ने दी है !
