Tuesday, March 10

अम्बेडकर ज्ञान मंच के तत्वाधान में संत कबीर की 627 वी जयंती समारोहपूर्वक मनी

रक्सौल।(Vor desk)।अम्बेडकर ज्ञान मंच के तत्वावधान में शहर के कौडीहार चौक स्थित सदगुरु कबीर आश्रम में संत कबीर की 627 वी जयंती मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविंद्र कुमार की अध्यक्षता में समारोह पूर्वक मनायी गयी।समारोह के मुख्य अतिथि केसीटीसी कॉलेज के पूर्व प्राचार्य सह वायस प्रिंसिपल डॉ. (प्रो.) जिछु पासवान, विशिष्ट अतिथि मंच के संस्थापक मुनेश राम, पूर्व एसआई सज्जन पासवान,भाग्य नारायण साह, अनुमंडल अध्यक्ष प्रकाश पासवान, रविंद्र जड़ेजा आदि ने कबीर साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण सह पुष्पार्चन किया तथा उनके विचारों व आदर्शो पर प्रकाश डालते हुए उन्हें आत्मसात करने का संकल्प व्यक्त किया। मौके पर मुख्य अतिथि प्रो. जिछु पासवान ने कहा कि संत कबीर महान समाज सुधारक थे, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने विचारों से सामाजिक भाईचारे को मजबूती दी। वही, मंच के संस्थापक मुनेश राम ने संत कबीर को एक क्रांतिकारी विचारक करार देते हुए कहा कि उन्होंने वाह्य आडंबर व पाखंड को नकारते हुए सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय की भावना को जागृत किया था तथा जात- पांत, ऊंच- नीच, धर्म- संप्रदाय को सामाजिक विषमता का मुख्य कारक बताते हुए कहा था कि जाति ना पूछो साधु की, पूछ लीजै ज्ञान,मोल करो तलवार की पड़ा रहन दो म्यान। वही,धर्म के नाम पर सामाजिक भाईचारे तहस- नहस करनेवाले लोगों को ललकारते हुए काकर – पत्थर के लिए मानवता को खतरे में नही डाला जा सकता।उन्होंने कबीर को महान युग पर्वत्तक, हिन्दी साहित्य के मुर्द्धन्य विद्वान, क्रांतिकारी समाज सुधारक बताया। वही, कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविंद्र कुमार ने कहा कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए संत कबीर ने एकाग्रता के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।वही, खेमचंद्- ताराचंद महाविद्यालय के इग्नू विभाग में पूर्व प्राचार्य डॉ. (प्रो.) जिछु पासवान की अध्यक्षता में महान साहित्यकार कवि सद्गुरु कबीर साहेब की जयंती मनाई गयी। इस मौके पर उपस्थित प्राध्यापकों ने उनके तैलीय चित्र पर माल्यार्पण सह पुष्पांजलि अर्पित किया गया। इस मौके पर कबीर साहेब के आदर्शो व विचारों को वर्तमान परिप्रेक्ष्य में प्रासंगिक बताते हुए वक्ताओं ने कहा कि वे एक क्रांतिकारी साहित्यकार व महान समाज सुधारक थे, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी सामाजिक ताने बाने को एकसूत्र में पिरोने का कार्य किया तथा धार्मिक आडंबर सामाजिक कुरीतियों के खात्मे के लिए आजीवन संघर्ष करते रहे तथा मानवीय संवेदना व मानवता को सर्वोपरि करार दिया। मौके पर अम्बेडकर ज्ञान मंच के संस्थापक मुनेश राम, राष्ट्रीय अध्यक्ष रविंद्र कुमार, कॉलेज के हिन्दी विभाग के विभागाध्यक्ष इन्द्र भूषण, प्रो. अनिल कुमार, डॉ.(प्रो.) नारद प्रसाद, प्रो. प्रेम प्रकाश,सज्जन पासवान, प्रवीण कुमार,किशुनदेव सिंह सहित अन्य उपस्थित रहे।

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