
रक्सौल।(Vor desk)। जं. और आनंदविहार के बीच चलने वाली सत्याग्रह एक्सप्रेस एवं सद्भावना एक्सप्रेस की स्पीड बढ़ाने और सत्याग्रह एक्सप्रेस में पैंट्री की सुविधा प्रदान किये जाने की मांग शिक्षाविद डॉ. (प्रो.) स्वयंभू शलभ ने रेल बोर्ड एवं रेल मंत्रालय से की है।
अपने पत्र में बताया है कि रक्सौल जं. और आनंदविहार टर्मिनल के बीच प्रतिदिन चलनेवाली 15273/74 सत्याग्रह एक्सप्रेस मात्र 957 किमी दूरी तय करने में 24 घण्टे से अधिक समय लेती है। यह ट्रेन रक्सौल जं. से 8.40 बजे निकलकर दूसरे दिन सुबह 9.10 बजे आनंदविहार टर्मिनल पहुंचती है और आनंदविहार से शाम 5.30 बजे निकलकर रक्सौल जं. दूसरे दिन शाम 5.35 बजे पहुंचती है। बीच के स्टेशनों पर अक्सर ट्रेन निर्धारित समय से पहले पहुंच जाती है और वहां देर तक रुकने के बाद फिर अपने निर्धारित समय पर खुलती है। इससे यात्रा में अनावश्यक देरी होती है और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
डॉ. शलभ ने आगे कहा है कि रेलवे के तकनीकी विकास और हाई स्पीड के इस दौर में केवल 957 किमी की दूरी के लिए 24 घण्टे से अधिक का समय लगना अप्रत्याशित भी है और अनावश्यक भी। वहीं रक्सौल से आनंदविहार टर्मिनल जाने के लिए दूसरी ट्रेन 14015/14017/14007 सद्भावना एक्सप्रेस है जिसे 1226 किमी की दूरी तय करने में 29 से 30 घंटे का समय लगता है।
बताया है कि उत्तर बिहार के अन्य स्टेशनों से दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में ये दोनों ट्रेन सबसे ज्यादा समय लेती हैं जबकि ये दोनों भारत नेपाल सीमा रक्सौल को राजधानी से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण ट्रेनें हैं और इनसे नेपाल के यात्री भी बड़ी संख्या में यात्रा करते हैं।
आगे बताया है कि सीमा क्षेत्र की लाइफलाइन मानी जाने वाली सत्याग्रह एक्सप्रेस में पैंटीकार जैसी आवश्यक सुविधा की भी कमी है।
डॉ. शलभ ने अपने पत्र में इन दोनों ट्रेनों के महत्व को बताते हुए इनकी स्पीड बढ़ाए जाने के साथ सत्याग्रह एक्सप्रेस में पैंट्रीकार की सुविधा प्रदान करने की मांग की है।
