
रक्सौल।(Vor desk)। रक्सौल बॉर्डर पर इंडियन इमिग्रेशन ने ‘नटवरलाल’ को गिरफ्तार किया है।उस पर आरोप है कि उसने साइबर फ्रॉड के जरिए 4.8 करोड़ रुपए उड़ा लिए थे।कुछ दिनों से नेपाल सहित विभिन्न देशों में छुप कर रह रहा था।रक्सौल के रास्ते नेपाल होते थाईलैंड भागने की फिराक में था।वह नेपाल के रास्ते थाई लैंड जाने के लिए रक्सौल स्थित इंडियन इमिग्रेशन कार्यालय एनओसी लेने पहुंचा।मशीन रीडेबल पासपोर्ट होने की वजह से पासपोर्ट की जांच में उस पर साइबर फ्रॉड का आरोप और एलओसी लागू होने की बात सामने आई,जिसके बाद हिरासत में ले लिया गया।
पकड़े गए भारतीय व्यक्ति की पहचान मुहम्मद हाफीद चायाकोथ के रूप में हुई है,जो, कोझीकोट केरला के रहने वाला है। वो काठमाण्डू (नेपाल) से थाईलैंड जाना चाहने की जुगत में था। इस पर बैंगलोर साउथ ईस्ट थाना में 2022 में साइबर क्राइम का केस दर्ज था।

इस बारे में इमिग्रेशन विभाग के डीएसपी अजीत कुमार ने बताया कि आरोपी युवक को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।पासपोर्ट की जांच की वजह से उसे पकड़ा जा सका।
इधर,सूत्रों ने बताया कि उक्त आरोपी को नेपाल जाते वक्त इमीग्रेशन विभाग के द्वारा पकड़ कर बैंगलोर पुलिस को सूचित किया गया है। बैंगलोर पुलिस के रक्सौल पहुचने तक आरोपी को हरैया/रक्सौल थाना में रखा गया और हरैया थानाध्यक्ष किशन कुमार पासवान के द्वारा पूछ ताछ और कानूनी करवाई शुरू की गई।जांच में पुष्टि हुई कि इस पर साउथ ईस्ट सीईएन थाना में 100/2022 कांड दर्ज है ।जिसपे साइबर फ्रॉड एवम मनी ट्रांसफर का केस – 66(C), 66(D) IT ACT and 419, 420 IPC दर्ज है।
इस बीच एसपी स्वर्ण प्रभात ने जारी प्रेस नोट में बताया है कि पकड़े गए साइबर फ्रॉड अपराधी को बंगलौर पुलिस को सौप दिया गया है।उक्त अपराधी सऊदिया और थाईलैंड में छुप कर रहता था।किसी तरह भारत आने के बाद इमिग्रेशन कार्यालय से एनओसी ले कर विदेश भागने के प्रयास में पकड़ा गया।
