
डीवीआर विन मेकर फर्जी आयुर्वेदिक नेट्वर्किंग कम्पनी से छापेमारी कर 568 बच्चे को कराया गया मुक्त,79नाबालिक बच्चे भी शामिल
नाम बदल बदल कर कंपनी द्वारा किया जा रहा था गोरखधंधा,सफेदपोशों का था संरक्षण
-बच्चों का किया जा रहा था यौन शोषण,हो सकते हैं कई चौकाऊ खुलासे
-मामले में तीन गिरफ्तार,संचालकों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी
रक्सौल ।(Vor desk)। एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर एसडीपीओ धीरेन्द्र कुमार के नेतृत्व वाली एसआईटी टीम ने जांच और छापेमारी शुरू कर दी है।यह टीम फर्जी कंपनियों के कारनामे की जांच कर रही है।साथ ही संचालकों पर शिंकजा कसने की तैयारी में जुट गई है।वहीं,इस मामले में किंग पिन पर इनाम घोषित किया गया है।उसकी संपत्ति जब्त करने की करवाई भी शुरू किए जाने की सूचना है।इधर,एसएसबी 47वीं बटालियन पटोका, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग टीम, प्रयास जुवेनाइल एड सेन्टर पूर्वी चम्पारण, व रक्सौल थाना के संयुक्त अभियान के तहत आयुर्वेदिक नेट्वर्किंग कम्पनी डी वी आर ओ, विन मेकर पर अलग अलग जगहों पर रखे गए बच्चों की जगह पर छापेमारी कर कुल 568 बच्चो को मुक्त कराया गया है। इसमें 79 नाबालिग बच्चे शामिल व 4 लड़कियां शामिल हैं। इसकी जानकारी प्रयास संस्था की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में देते हुए बताया गया है कि सभी नाबालिग बच्चे को जिला बाल कल्याण समिति पूर्वी चम्पारण को सुपुर्द कर बाल गृह मोतिहारी/बेतिया में आवासित किया गया है।मुक्त कराए गए सभी बच्चे से अनुमंडल पदाधिकारी शिवाक्षी दिक्षित द्वारा मौके पर पहुंच कर बच्चे से उनकी आप बीती सुनी और फर्जी आयुर्वेदिक नेट्वर्किंग कम्पनी को सिल करने की निर्देश दिया गया। जिस पर अमल करते हुए त्वरित करवाई के तहत रक्सौल पुलिस प्रशासन द्वारा फर्जी कम्पनी के कार्यालय कोरिया टोला सील कर दिया गया। रक्सौल अंचलाधिकारी शेखर राज की अगुवाई में सिल करने की करवाई की गई। इस दौरान संबंधित दस्तावेज को बरामद कर जप्त किया गया है। अग्रिम प्रक्रिया करते हुए रक्सौल थानाध्यक्ष प् राजीव नन्दन सिन्हा द्वारा 3 व्यक्ति और कंपनी संचालक एनामूल हक पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। गिरफ्तार 3 व्यक्तियों को जेल भेजने की प्रक्रिया की जा रही है जो नवादा, बेगूसराय, रोहतास जिला का रहने वाले हैं। इस केस की जांच और फरार कंपनी संचालक को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस अधीक्षक पूर्वी चंपारन द्वारा एस आई टी टिम का गठन किया गया है। प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर पूर्वी चम्पारण की जिला परियोजना समन्वयक आरती कुमारी द्वारा काउन्सलिंग करने पर बच्चों ने बताया कि उन्हें किसी भी अंजान व्यक्ति से बात चित करने से रोका गया था तथा उन्हें प्रोडक्ट सेलिंग के नाम पर सिर्फ़ उन्हें साइकोलॉजी का सब्जेक्ट पढ़ाकर उनकी माइंड वाश किया जा रहा था ।बच्चों को बड़ी बड़ी सपने दिखाया जा रहा था। और उनके मोबाइल फोन में जितने भी कॉन्टैक्ट नंबर हैं सभी को बारी बारी से कॉल कर के कम्पनी से जोड़ने की बात कही जा रही थी ताकि जोड़ने वाले बच्चे को उनका वेतन में बढ़ोतरी हो । मौके पर एस एस बी 47 बटालियन रक्सौल से डिप्टी कमांडेड दीपक कुमार कृष्णा, असिस्टेंट कमांडेड नेहा सिंह, सचिन कुमार, रजत मिश्रा और 100 जवान, एस एस बी 47 बटालियन एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग टिम से असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर प्रदीप कार्जी, हेड कांस्टेबल अरविंद द्विवेदी, मिक्की कुमारी,प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर पूर्वी चम्पारण से जिला परियोजना समन्वयक आरती कुमारी, सामाजिक कार्यकर्ता विजय कुमार शर्मा, राज गुप्ता, अभिषेक कुमार, उमेश कुमार श्रीवास्तव, श्रम पदाधिकारी सुगौली दिवाकर प्रसाद, श्रम पदाधिकारी आदापुर राजीव कुमार, एवम् रक्सौल थाना से सभी पुलिस पदाधिकारी शामिल थे।