
रक्सौल।(Vor desk)।आर्ट ऑफ लिविंग के पांँच दिवसीय हैप्पीनेस प्रोग्राम मंगलवार को समापन हुआ, जिसमें 25 प्रतिभागियों ने कोर्स में भाग लिया। आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर के मार्गदर्शन में पूरे भारतवर्ष सहित अन्य देशों में आयोजन किया जाता है , जिसके तहत इस वर्ष दूसरी बार हैप्पीनेस प्रोग्राम कराने के लिए आर्ट ऑफ लिविंग बेंगलुरु से विशेष प्रशिक्षित चंदेश्वर प्रसाद शाह द्वारा पाँच दिनों की कार्यशाला में नगर के 25 लोगों को हैप्पीनेस प्रोग्राम के तहत सुदर्शन क्रिया,योग, ध्यान, विभिन्न व्यायाम, क्रियाएं व जीवन जीने की कलाओं के बारे में विशेष प्रशिक्षण दिया गया। वहीं प्रशिक्षक चंदेश्वर प्रसाद शाह ने बताया कि हैप्पीनेस प्रोग्राम से मानसिक शांति में वृद्धि, तनाव और चिंता से मुक्ति, उर्जा स्तर में वृद्धि,मन पर विजय प्राप्त किया जा सकता है। हैप्पीनेस प्रोग्राम की आधारशिला सुदर्शन क्रिया है। यह श्वास की ऐसी प्रक्रिया है जो अपने आप में साँस की विशिष्ट प्राकृतिक लय को समावेशित करती है,जो हमारे मन ,शरीर और भावनाओं में सामंजस्य स्थापित करती है । यह तनाव, क्रोध,थकान और अवसाद को दूर कर हमें शांत रहते हुए उर्जावान, एकाग्रचित्त और शांति में रखता है।वहीं चंदेश्वर शाह ने बताया कि आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक एवं अध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर बारह वर्षों के लम्बे अंतराल के उपरांत 6 मार्च से 10 मार्च तक बिहार के ऐतिहासिक दौरे पर रहेंगे। उन्होंने ने यह भी बताया कि गुरूदेव का 7 मार्च को औरंगाबाद में ग्रामोत्सव कार्यक्रम तथा पटना में भव्य महासत्संग होगा। साथ ही बिहार में पहली बार लोगों को मूल सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के अवशेषों के ऐतिहासिक अनावरण का गवाह बनने का अवसर मिलेगा ,जो 1000 वर्षों के लम्बे अंतराल के बाद मिले हैं। वे अपने साथ भारत की खोई ही विरासत का यह अमूल्य टुकड़ा लेकर बिहार लेकर आयेंगे। साथ ही राज्य की सांस्कृतिक विरासत का जश्न मनाने के लिए बिहार सरकार के कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के सहयोग से 1000 हजार कलाकार प्रसिद्ध मैथिली लोक नृत्य झिझिया की प्रस्तुति देकर रिकॉर्ड बनायेंगे । साथ ही इस भव्य महासत्संग में लोग ध्यान,ज्ञान और भक्ति सागर में गोते लगायेंगे। उन्होंने शहर वासियों से अपील की पटना में आयोजित महासत्संग में शामिल हों तथा अपने जीवन को एक नया आयाम प्रदान करें। कार्यक्रम के अंत में पाँच दिवसीय हैप्पीनेस प्रोग्राम का समापन सत्संग से संपन्न हुआ। हैप्पीनेस प्रोग्राम को सफलीभूत करने में चंद्रमोहन प्रसाद,अरविंद जायसवाल , रजनीश प्रियदर्शी , हेमंत अग्रवाल आदि ने उल्लेखनीय योगदान दिया।