Friday, April 4

नगर परिषद रक्सौल के ‘खरीद घोटाला’ की गूंज बिहार विधान परिषद में, जद (यू) एमएलसी खालिद अनवर के सवाल पर राज्य सरकार द्वारा उच्चस्तरीय विभागीय जांच समिति गठित!

रक्सौल ।(Vor desk)। घपले घोटाले को ले कर नगर परिषद रक्सौल सूबे में बदनाम हो चुका है। बूचड़खाना घोटाला के बाद अब अवैध नियुक्ति के साथ उपकरण सहित अन्य सामग्री के खरीद में घोटाला का मामला सुर्खियों में हैं।बूचड़खाना घोटाला में जहां सभापति,उप सभापति,कार्यपालक पदाधिकारी सहित अन्य पर कारवाई की गाज गिरी थी,वहीं,अब डायरेक्ट चुनाव में निर्वाचित सभापति धुरपति देवी के विरुद्ध जिलाधिकारी द्वारा गठित टीम के जांच प्रतिवेदन में कई आरोप की पुष्टि के बाद नगर विकास विभाग ने 25फरवरी को नोटिस जारी कर चार बिंदुओं पर जवाब मांगा है और इसके लिए दो सप्ताह का समय अवधि भी निर्धारित कर दी है।ऐसे में उनकी कुर्सी पर संकट के बादल छाए हुए हैं।वित्तीय अनियमितता के तूल पकड़ते मामले में बुधवार को फिर एक नई कड़ी जुड़ गई।
ताजा कदम में बिहार सरकार ने मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय विभागीय जांच समिति गठित कर दी है।
विधान परिषद में इस मामला के गूंजने से रक्सौल नगर परिषद के सभापति गुट में खलबली मची हुई है। कथित घपले घोटाले में जनप्रतिनिधि से कर्मी तक के शामिल होने की चर्चा हैं।मामला बढ़ने से उन पर कारवाई की तलवार लटकती दिख रही है।

बता दे कि मंगलवार को विधान परिषद में ताराकित प्रश्न मे विधान पार्षद खालिद अनवर ने यह मामला उठाया।उन्होंने पूछा की क्या यह बात सही है की वित्तीय वर्ष 2020/2023 से अब तक जितने भी उपकरण और सामग्री खरीदी गई,वो बिना बोर्ड के संपुष्टि के ही की गई है?
उन्होंने दूसरा सवाल भी सदन में रखा,जिसमें यह पूछा कि क्या यह बात सही है की 7से 8 करोड़ की खरीदगी की गई है, जिसमे भारी अनियमितता की गई है?
उन्होंने तीसरा सवाल किया है कि यदि उपरोक्त खंडों के उत्तर स्वीकारात्मक है तो क्या सरकार यह बतलाने की कृपा करेगी कि किन माप दंडों के तहत यह खरीददारी की गई है व इस खरीददारी की जांच करा कर दोषी पर करवाई करना चाहती है..यदि हा,तो कब तक,नहीं तो क्यों?

इस पर नगर विकास एवं आवास विभाग ने अपने जवाब में स्पष्ट रूप से कहा है की-‘ वस्तुस्थिति यह है कि नगर परिषद रक्सौल में सामग्रियों के क्रय में बरती गई अनियमितता की जांच हेतु विभागीय जांच आदेश संख्या225/सह पठित ज्ञापांक 814/दिनांक4मार्च 2025द्वारा उच्चस्तरीय विभागीय जांच समिति गठित की गई है। समिति द्वारा जांचोपरांत प्राप्त प्रतिवेदन के आलोक में दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार करवाई की जाएगी।’

कुल मिला कर यह मामला बिहार सरकार के संज्ञान में आने से हाई लेवल हो गया है। नगर परिषद मे बाजार मूल्य से अधिक पर बगैर नप के बोर्ड से अनुमोदन कराये विभिन्न खरीदारी में अनियमितता की जाँच जिला प्रशासन स्तर पर हो चुकी है।सूत्रों के मुताबिक, नगर विकास विभाग के आंतरिक जाँच मे इसे सत्य करार दिया जा चुका है और इस पर पक्ष स्पष्ट करने हेतु सभापति से जवाब मांगा गया है।दरअसल,नगर परिषद की उप सभापति पुष्पा देवी सहित पार्षदों के एक समूह ने नगर विकास विभाग और जिलाधिकारी को इस बारे में शिकायत की थी।जिसके बाद जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने जांच कमेटी गठित की थी,जिसमे आरोप की पुष्टि के बाद जांच प्रतिवेदन नगर विकास विभाग को भेज दिया था।जिसके बाद नगर विकास विभाग पहले से ही करवाई की प्रक्रिया में जुट गई थी और जवाब तलब करते हुए कहा था कि निर्धारित समय में जवाब नहीं मिला तो विभाग द्वारा कानूनी करवाई शुरू कर दी जाएगी।इसी बीच संक्षिप्त माँग विधान पार्षद खालिद अनवर ने सदन में नये मंत्री जिवेश मिश्रा से जल्द एंटी करप्शन कमिटी गठित कर कारवाई की माँग कर दी।विभाग द्वारा जांच कमेटी गठन की सूचना पर उन्होंने सदन में इसके लिए बधाई देते हुए विभागीय मंत्री जिवेश कुमार की प्रशंसा भी की और कहा की हाई लेवल कमेटी बनाना एंटी क्रॉपसन के खिलाफ सरकार के कदम का प्रतिक है।मुझे विश्वास है की जल्द ही नतीजा सामने आएगा और वहां पब्लिक का जो पैसा इधर उधर करने की कोशिश हुई है,उसको ले कर सरकार दोषियों को पकड़ कर कड़ी सजा देगी।

खुद विधान परिषद के अध्यक्ष अवधेश नारायण सिंह ने अपनी टिपण्णी में कहा की मंत्री जल्दी इस पर कारवाई करेंगे।


इस प्रकरण पर अपनी प्रतिक्रिया में समाज सेवी नुरुल्लाह खान ने कहा कि सभापति धुरपति देवी ने अपने नाती मनीष यादव सहित कई अवैध बहाली की है।खरीद में घोटाला हुआ है। जाँच सही दिशा मे है और अंततः एफआईआर होना लाजमी है।
उन्होंने विधान पार्षद खालिद अनवर का आभार जताते हुए कहा की पद का पद का दुरुपयोग और भ्रष्टाचार जनता के जनादेश का अपमान है।पूरा विश्वास है की आने वाले दिनों में बिहार सरकार कड़े कदम उठाएगी, ताकि राज्य में इस तरह के वाक्या की दुबारा पुनरावृति न हो सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected , Contact VorDesk for content and images!!