
रक्सौल।(Vor desk)। उड़ीसा के भुवनेश्वर स्थित केआईआईटी में नेपाल की छात्रा की कथित आत्महत्या, नेपाली छात्रों के विरोध प्रदर्शन और प्रबंधन द्वारा छात्रों को निलंबन नोटिस जारी किये जाने के बाद जो छात्र नेपाल वापस लौट गए थे वे पुनः विश्वविद्यालय प्रबंधन के आग्रह पर विश्वविद्यालय लौटने लगे हैं। 28 नेपाली छात्रों का एक समूह पटना जाने के क्रम में कल सोमवार को देर शाम रक्सौल पहुंचा।
इस क्रम में बीटेक कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई कर रहे छात्र अभिजीत चौरसिया ने बताया कि नेपाल और भारत सरकार की पहल से विश्वविद्यालय प्रबंधन ने सभी नेपाली छात्रों के पठनपाठन के साथ समुचित सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए वापस आने का आग्रह किया है। साथ ही सभी छात्रों के लिए पटना से भुवनेश्वर के लिए स्पेशल फ्लाइट की व्यवस्था भी की है।
इस बीच रक्सौल में शिक्षाविद डॉ. स्वयंभू शलभ से छात्रों की मुलाकात हुई ,जिसमें उन्होंने समूचे घटनाक्रम को विस्तार से बताया । डॉ. शलभ ने कहा कि यह घटना दुःखद व दुर्भाग्यपूर्ण है, छात्र भय और अवसाद की स्थिति से गुजरे हैं, अपने भविष्य को लेकर भी चिंतित हैं। आगे कहा कि बच्चे बीती बातों को मन से निकालकर आगे की ओर देखें और अपनी पढ़ाई पर फोकस करें। उनका सत्र भी किसी भी स्थिति में खराब नहीं होना चाहिए।
बता दे कि छात्रों का यह समूह रक्सौल से नाईट कोच से पटना के लिए रवाना हुआ। बस स्टैंड पर उन्हें छोड़ने के लिए उनके अभिभावक भी आये थे।लौट रहे छात्र अभिषेक मिश्रा, प्रतीक साह,प्रीति कुमारी,राहुल जायसवाल आदि के चेहरे पर मिश्रित प्रतिक्रिया के बीच कैरियर की चिंता दिखी।