Thursday, April 3

सीमा क्षेत्र में आधी रात को धरती डोली,नेपाल का सिंधुपाल चौक था केंद्र बिंदु,आधा दर्जन नेपाली नागरिक हुए घायल!

रक्सौल।(Vor desk)। भारत नेपाल सीमाई क्षेत्र में आधी रात को धरती डोलने से खलबली मच गई।लोग नींद से जाग गए और घरों से निकल कर सुरक्षित जगह तलाशने लगे।हालाकि,अधिकाश लोग सोए रहे,उन्हें सुबह सोशल मीडिया या आम चर्चा में इसकी जानकारी मिली।

मिली जानकारी के मुताबिक,शुक्रवार की देर रात्रि भारतीय समय करीब2.36बजे आए भूकंप के झटके ने लोगो को दहशत में डाल दिया।पंखे हिलने लगे,बर्तन आदि गिर गए।पलंग पर सोए लोगों को भी झटका महसूस हुआ।
सूत्रों ने बताया कि भूकंप के झटका मध्यम था,जो करीब 10सेकेंड तक महसूस हुआ।
बताया गया कि रक्सौल,आदापुर, छौड़ादानो समेत नेपाल में इसके झटके महसूस किए गए।भूकंप का केंद्र नेपाल का सिंधुपाल चौक के भैरव कुंड था, जहां भूकंप की तीव्रता 6.1 थी।हालाकि,अभी तक किसी प्रकार के बड़ी क्षति की सूचना अप्रपाय है।उधर,सीमा पार वीरगंज और कलैया के विभिन्न इलाकों में भी भूकंप के झटके के बाद लोग सड़क पर निकल पड़े।

नेपाल में तेज झटका, हिले लोग

रक्सौल।ताजा भूकंप नेपाल में आया।जिसका झटका सीमा क्षेत्र में महसूस हुआ।नेपाल का सिंधुपाल चौक केंद्र बिंदु था,जहां, 6.1रिएक्टर स्केल का भूकंप आया।हालाकि, भारत नेपाल सीमा क्षेत्र में इसकी आवृत्ति कम रही।

मिली जानकारी के मुताबिक,भूकंप के दौरान सिंधुपाल चौक क्षेत्र एवं आस पास के जिलों के आधा दर्जन घरों को क्षति पहुंची है।काठमांडू,धादिंग,भोजपुर ,दोलखा, संखुआ सभा,म्याग्दी आदि जिले प्रभावित भूकंप प्रभावित रहे।भूकंप में छह लोग घायल हुए हैं।इससे तीन परिवार विस्थापित हो गए है।वहीं,सिंधुपाल चौक कारागार में भूकंप से बचने की भ कोशिश में एक कैदी सियांगबो तमांग(33)घायल हो गया।वह कारागार के दूसरे मंजिल से कूदने से घायल हो गया।हालाकि,अस्पताल में इलाज के बाद उसे छूटी से दी गई।उधर,इलाका पुलिस कार्यालय कोदारी का पुलिस भवन को क्षति पहुंची है।वहीं,क्षेत्र में पहाड़ गिरने जैसी घटना भी हुई।
नेपाल पुलिस के केंद्रीय पुलिस प्रवक्ता डीआईजी दिनेश कुमार आचार्य ने बताया की मध्य रात्रि2.51बजे आए भूकंप में अब तक कोई मानवीय क्षति की सूचना नहीं मिली है।कोई बड़ी भौतिक क्षति नहीं हुई है।

भूकंप नही ,पराकंप

नेपाल में भूकंप नहीं,बल्कि,भूकम्प का प्रकंप(आफ्टर शेक) आया है।नेपाल के भूकंप मापन और अनुसंधान केंद्र के प्रमुख डा लोक विजय अधिकारी के मुताबिक,यह भूकंप के झटके नहीं थे ।बल्कि,2015 अप्रैल के गोरखा केंद्र बूंदी बना कर आए बड़े भूकंप का प्रकंप(आफ्टर शेक) है।

भूकंप के बाद बदल गया मौसम,चलने लगी हवा

रक्सौल।सीमा क्षेत्र में भूकंप के बाद मौसम बदल गया।क्षेत्र में कोहरा छा गया।सिहरन भरी हवा चलने लगी।देर शाम तक ऐसा ही मौसम रहा।मौसम के मिजाज बदलने से लोग सकते और दहशत में दिखे।नेपाल के भूकंपविदों ने भूकंप के तेज झटके आने की आशंका को ले कर सतर्क रहने की चेतवानी दी है,जिससे लोग सहमे हुए हैं।स्थानीय श्याम लामा,विक्रम कुमार, नेयाज अहमद आदि ने बताया कि भूकंप के बाद मौसम में बदलाव आ गया और पूरी तरह सर्द हो गया।जबकि,इससे पहले गुरुवार को गर्मी के साथ तेज धूप थी।अचानक मौसम बदल गया है।(रिपोर्ट:पीके गुप्ता)

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