Sunday, April 6

प्रकृति लम्साल मौत प्रकरण के बाद उड़ीसा से लौट रहे नेपाली विद्यार्थी,भारतीय दूतावास ने दिया निष्पक्ष जांच और कारवाई का आश्वासन,हेल्प लाइन नंबर भी जारी!

रक्सौल।(Vor desk)।उड़ीसा के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (कीट) यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली नेपाली छात्रा प्रकृति लम्साल की संदिग्ध मौत की घटना के बाद भारत से ले कर नेपाल तक ग़म और गुस्सा है।इस मामले की निष्पक्ष जांच कर न्याय देने की मांग उठ रही है।उड़ीसा सरकार ने इस हाई प्रोफाइल मामले में जांच कमेटी गठित कर दी है।इस बीच,नेपाल के विभिन्न विद्यार्थी संगठन सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।वीरगंज में नेकपा माओवादी के अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र विद्यार्थी यूनियन ने विरोध प्रदर्शन भी किया है।वीरगंज स्थित भारतीय दूतावास के आगे भी प्रदर्शन करने की कोशिश हुई,जिसे पुलिस ने नाकाम कर दिया।वहीं,विद्यार्थियों के समूह ने घंटाघर चौक पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर प्रकृति लम्साल के लिए दीप जला कर श्रद्धांजलि दी और करवाई की मांग की।

वहीं,इस घटना के बाद वहां पढ़ने वाले नेपाली छात्र छात्राएं लगातार अपने देश नेपाल वापस लौट रहे हैं।अब तक दो सौ से ज्यादा छात्र छात्राओं के निजी सवारी और ट्रेन से लौटने की सूचना हैं।रक्सौल के रास्ते वीरगंज होते अपने अपने घर को रवाना हुए हैं।इसमें परसा, बारा,मकवानपुर,रौतहट,चितवन जिला सहित नेपाल के विभिन्न जिलों के विद्यार्थी शामिल हैं।

बुधवार को सुबह उड़ीसा से चला नेपाली छात्र छात्राओं का एक जत्था ट्रेन से रक्सौल स्टेशन पहुंचा।
उन्होंने यहां पहुंचने के बाद यूनिवर्सिटी और उड़ीसा प्रशासन के खिलाफ अपमानजनक व्यवहार का आरोप लगाते हुए बताया की जबरदस्ती उन्हें निकाल दिया गया।प्रकृति के लिए न्याय की मांग करने पर हम सभी पर अत्याचार किया गया है।हमारी बात नहीं सुनी गई।हमसे मार पीट की गई और हॉस्टल से कॉपी,कलम,कपड़ा आदि समान निकालने तक का मौका नहीं दिया गया ।

यहां पहुंचने के बाद एक ओर रेल प्रशासन सक्रिय दिखी।उनकी सुरक्षा के लिए विशेष सतर्कता बरती गई और रेल थानाध्यक्ष पवन कुमार के नेतृत्व में विद्यार्थियों को सुरक्षित नेपाल पहुंचाने की व्यवस्था की गई ।स्टेशन के बाहर यात्री सुविधा के लिए बनाए गए पंडाल में उनके आराम करने की व्यवस्था दी गई।वहीं,अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों ने पहुंच कर उनसे संवाद किया । जिसमें उन्हें न्याय दिलाने एवं उनसे पुनः भारत लौटने का आग्रह भी किया।साथ ही उन्हें पेयजल, जलपान सहित गंतव्य तक पहुंचने तक की चिंता परिषद और नेपाल प्राग्यिक परिषद् के कार्यकर्ताजन ने किया। इसमें  मुख्य रूप से नेपाली विद्यार्थी कार्य के राष्ट्रीय सह संयोजक प्रियांशु त्रिपाठी , प्रान्त अध्यक्ष प्रो श्री अंजनी कुमार, प्रांत शोध कार्य प्रमुख प्रो पंकज कुमार, मुकेश कुमार, हिमांशु कुमार, जिला संयोजक अंकित कुमार, पूर्व प्रदेश कार्यालय मंत्री सुबोध कुमार, धीरज कुमार कॉलेज अध्यक्ष  सोमेश्वर कुमार यादव  गोलू कुमार प्रियांशु कुमार आदि उपस्थित रही। इन्होंने नेपाली छात्रों की पीड़ा सुनी और उनके प्रति हुए अमानवीय व्यवहार के प्रति आपत्ति जताई।उन्होंने भारत सरकार से मांग किया की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी करवाई की जाए।नेपाली विद्यार्थियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए।

इस बीच,वीरगंज बॉर्डर पर नेपाली प्रशासन भी सक्रिय रही।परसा जिला प्रशासन उड़ीसा से आए नेपाली विद्यार्थियों को उनके घर पहुंचाने और मदद के लिए मुस्तैद दिखी।

भारतीय दूतावास ने दिया करवाई का आश्वासन ,जारी किया स्टूडेंट्स हेल्प लाइन नंबर

नेपाल के काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर नेपाली छात्रा प्रकृति लम्साल मौत प्रकरण में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर करवाई के लिए आश्वस्त किया है।कहा है की छान बिन शुरू कर दी गई है।घटना में संलग्न सुरक्षा गार्ड की गिरफ्तारी हुई है। दो गार्ड को बर्खास्त किया गया है।यूनिवर्सिटी के अधिकारियों को निलंबित करने सहित जरूरी करवाई की जा रही है।अभियुक्त विद्यार्थी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने के साथ ही उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत भेजने की करवाई हो रही है।प्रेस विज्ञप्ति में आश्वासन दिया गया है की इस मुद्दे में वस्तुनिष्ठ ,निष्पक्ष और न्यायपूर्ण अनुसंधान और करवाई होगी।इसके लिए उड़ीसा के गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के नेतृत्व में उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित की गई है।रिपोर्ट के आधार पर कानूनी करवाई होगी।नेपाली विद्यार्थियों से दुर्व्यवहार के मामले पर भी जांच हो रही है।उचित करवाई होगी।प्रेस विज्ञप्ति में कीट यूनिवर्सिटी ने जारी अनिश्चितकालीन आदेश को वापस ले लिया है। कुलपति ने अपने कर्मियों के टिप्पणी और व्यवहार के लिए खेद व्यक्त करते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है।हम अपील करते हैं की नेपाली विद्यार्थी कैंपस लौटे और अपनी नियमित कक्षा में पढ़ाई शुरू करें।
एक हेल्प लाइन नंबर 91 82 80338301की जानकारी दी गई है,जिसके बारे में बताया गया है की यह सेवा 24+7चालू है।नेपाली विद्यार्थियों को किसी भी सहयोग की जरूरत हो तो बेधड़क कॉल करें। हम सुरक्षा,मर्यादा और कल्याण सुनिश्चित करने को प्रतिबद्ध हैं।

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